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हिंदी में हम : आधुनिकता के कारखाने में भाषा और विचार

2015, वाणी प्रकाशन-सीएसडीएस, नयी दिल्ली

हिंदी संस्कृत की बेटी, या उर्दू की दुश्मन, या अंग्रेज़ी की चेरी नहीं है। अगर वह किसी की बेटी है तो भारतीय आधुनिकता की बेटी है। हिंदी की आलोचना करने के लिए आधुनिकता के उस कारखाने की आलोचना करनी होगी जिसकी कारीगरी का यह नतीजा यह अनूठी भाषा है।

Hindi Mein Ham : Adhunikta Ke Karkhane Mein Bhasha Aur Vichar

2015, Vani Prakashan-CSDS, New Delhi

Hindi should not be considered as the daughter of Sanskrit. Neither is it an enemy of Urdu or a handmaiden of English. To mark its lineage, if any, Hindi must be seen as the offspring of Indian modernity. Critiquing Hindi has to be the essential part of the larger critique of Indian modernity, the forces of which has shaped this wonderful language.

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